पुर्णिया मे केले के तने से सूत निकालने मे जुटे घर लौटे प्रवासी मजदूर

निमिशा शांडिल्य
पटना: बिहार सरकार लॉक डाउन में घर लौटे प्रवासी मजदूरों के लिए रोजगार के विविध अवसर दे रही है।
इसी क्रम मे पूर्णिया जिला प्रशासन ने इस सप्ताह  धमदाहा अनुमंडल के संझा घाट पर एक सरकारी भवन में केले के रेशे निकालने वाले संयंत्र स्थापित किया है।पूर्णिया के जिलाधिकारी राहुल कुमार ने बताया के उस क्षेत्र में पर्याप्त केले की खेती होती है। फल तोड़ने के बाद केले के तने बेकार हो जाते हैं जिसे खेतों में जैविक खाद बनने के लिए छोड़ दिया जाता है। प्रवासी मजदूरों को राज्य सरकार की अनेक योजनाओं के तहत रोजगार दिए जा रहे हैं।
केला के रेशे निकालने के लिए 2 संयंत्र स्थापित किए गए हैं एवं जिसके प्रत्येक संयंत्र से 20 मजदूरों को जोड़ा गया है। जिलाधिकारी के अनुसार प्रति माह लगभग 6000 किलो केले के रेशे इन संयंत्रों से उत्पादित होंगे जिससे तत्काल लगभग 5 लाख रुपए प्रति माह की आय होगी। यह पूरी आय इस उद्योग से जुड़े मजदूरों में बांटा जाएगा। दक्षिण भारत के कुछ बड़े साडी एवं बैग तथा रस्सी बनाने वाले कारखानों से इन केले के रेशों को खरीदने की सहमति हुई है।
      राहुल ने कहा कि सरकार के उद्योग विभाग के अंतर्गत स्थापित रेशे की ये इकाईयां काफी लोकप्रिय हो रही हैं जिसे देखते हुए भविष्य में और अधिक संयंत्र स्थापित कर मजदूरों को रोजगार दिया जाएगा।

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